गाइड
क्या खरीदें, असल में खर्च कितना आता है, और बारिश के मौसम में उसे कैसे चलाएं। यहां हर आंकड़ा इंजीनियरिंग से आता है, किसी जाने-माने नियम से, या उन्हीं 64 गाड़ियों के कैटलॉग से जिन्हें फाइंडर रैंक करता है — आप क्लिक करके खुद जांच सकते हैं।
गाड़ी चुनना
शोरूम जाने से पहले तय कर लें कि आपको चाहिए क्या।
टू-व्हीलर कैसे चुनें: वे पांच सवाल जो फ़ैसला कर देते हैंआप कहां चलाते हैं, कितनी दूर, क्या ढोते हैं और कितना खर्च कर सकते हैं। ये पांच जवाब 64 मशीनों को ऐसी शॉर्टलिस्ट तक घटा देते हैं जिसे आप जाकर परख सकें।
स्कूटर या मोटरसाइकिल: वह दोराहा जो बाक़ी सब तय कर देता हैस्टोरेज, गियर, वज़न और टूटी सड़क पर दोनों का बर्ताव। 26 स्कूटरों के मुक़ाबले 38 मोटरसाइकिलें, उन्हीं बातों पर तुली जो सचमुच अलग हैं।
टू-व्हीलर पर कितना खर्च करें₹75,000, ₹1.33 लाख और ₹4.2 लाख असल में क्या खरीदते हैं, और पांच साल का चलाने का खर्च अक्सर दो मशीनों के दाम के फ़र्क़ से बड़ा क्यों होता है।
पेट्रोल या इलेक्ट्रिक: फ़ैसला, हिसाब के साथइलेक्ट्रिक ₹0.20 प्रति किमी, पेट्रोल का बीच का आंकड़ा ₹2.30। मशीन रात में कहां सोती है, यही तय करता है कि वह बचत कभी सचमुच आपकी होगी या नहीं।
कितने cc का इंजन चाहिए? आम तौर पर जितना सोचते हैं, उससे कमयहां की 64 मशीनों में पावर 5.8 PS से 47 PS तक है, मीडियन 11.1। फ़ैसला पावर बनाम वज़न करता है, और वह सवारी जो आप रोज़ सचमुच करते हैं।
सीट की ऊंचाई और फ़िट: क्या आप इसे रुकी हालत में संभाल लेंगे?यहां सीट की ऊंचाई 737 से 835 मिमी और कर्ब वज़न 99 से 241 किलो तक है। ये दो आंकड़े सिग्नल पर आपके भरोसे का फ़ैसला करते हैं — और फ़िट कैसे जांचें।
ब्रेक और सुरक्षा: ABS, CBS और सादा डिस्क असल में करते क्या हैंकैटलॉग यूं बंटा है: 19 ड्यूल-चैनल ABS, 10 सिंगल-चैनल, 17 CBS और 18 सादे डिस्क। हर सिस्टम क्या रोकता है, कोई भी क्या नहीं रोकता, और क्यों।
उसके साथ जीना
बारिश, पीछे बैठने वाला, सर्विस बुक, और प्रति किलोमीटर खर्च।
बारिश में सवारी: पानी, पकड़, और बाद में क्या करना हैकितना गहरा पानी बहुत ज़्यादा है, फ़ैसला एयर इनटेक क्यों करता है, गीली सड़क पर ब्रेकिंग, और भरे पानी से निकलने के बाद के वे पंद्रह मिनट।
चलाने का ख़र्च कितना है: सालाना ईमानदार आंकड़ा बनानापेट्रोल या चार्जिंग, सर्विस, टायर और डेप्रिसिएशन। अपने रोज़ के किलोमीटर से असली सालाना आंकड़ा बनाइए, और देखिए ₹/किमी क़ीमत पर क्यों भारी है।
पीछे की सवारी और सामान: क्या बदलता है, और क्या बदलना चाहिएपीछे बैठी सवारी ब्रेक और सस्पेंशन के साथ क्या करती है, वह प्रीलोड जो कोई सेट नहीं करता, बच्चों को ले जाना, और बिना स्टोरेज वाली मशीन पर सामान।
रखरखाव और सर्विस: मशीन को सही रखना, और उसकी क़ीमत बचाए रखनासर्विस के अंतराल, हफ़्ते में पांच मिनट की जांच, चेन की सही देखभाल, रीसेल पर सर्विस बुक की क़ीमत, और लोकल मैकेनिक कब सही चुनाव है।